दीपचंद्र दीक्षित संवाददाता
फर्रुखाबाद: भाजपा नेता विकास राजपूत ने पेट्रोल और डीजल में एथेनॉल व आइसोब्यूटेनॉल मिश्रण को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार पेट्रोल पंपों को यह निर्देश दे कि ईंधन बेचने से पहले ग्राहकों को स्पष्ट रूप से जानकारी दी जाए कि पेट्रोल में कितना प्रतिशत एथेनॉल और डीजल में कितना प्रतिशत आइसोब्यूटेनॉल मिलाया गया है।
विकास राजपूत ने कहा कि सभी पेट्रोल और डीजल नोजल पर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में मिश्रण की प्रतिशत मात्रा लिखी जानी चाहिए, ताकि ग्राहकों को सही जानकारी मिल सके। उनका कहना है कि वर्तमान में अधिकांश उपभोक्ताओं को यह तक पता नहीं है कि पेट्रोल में कितना प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जा रहा है, जिससे भ्रम और असंतोष की स्थिति बन रही है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो और इस मुद्दे पर पार्टी के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही, सभी तेल कंपनियों और उनके पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए जाने चाहिए कि वे उपभोक्ताओं के लिए एक सूचना पटल उपलब्ध कराएं, जिस पर ईंधन में मिलाए जा रहे एथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल की सटीक जानकारी दर्ज हो।
भाजपा नेता ने सुझाव दिया कि यदि मिश्रित ईंधन के कारण लोगों की गाड़ियों में तकनीकी दिक्कतें आने की आशंका है, तो सरकार पहले किसी एक शहर या राज्य में इसका परीक्षणात्मक प्रयोग कर सकती है। इससे व्यापक स्तर पर जनता को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।
विकास राजपूत ने कहा कि सरकार की नीतियां हमेशा जनहित को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए । अगर किसी बजह से सरकार द्वारा बनाई गई नीति की आलोचना हो रही है तो उस पर विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में इतने बड़े राज्य में बिना पर्याप्त जागरूकता और स्पष्ट जानकारी के इस प्रकार के प्रयोग राजनीतिक और जनसामान्य दोनों स्तरों पर प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस विषय पर पारदर्शी नीति अपनाई जाए और जनता के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।