दिनेश कुमार रजक/रफ्तार मीडिया संवाददाता/चित्तरंजन
भारतीय रेल में विद्युत रेल इंजनों की विश्वसनीयता और तकनीकी उन्नयन को नई ऊंचाई देने के लिए चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना में शुक्रवार से 43वीं मेंटेनेंस स्टडी ग्रुप बैठक शुरू हो गई। 19-20 जून तक चलने वाली इस दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक में रेलवे बोर्ड, विभिन्न जोन, आरडीएसओ और उत्पादन इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी व तकनीकी विशेषज्ञ जुटे हैं। उद्घाटन सत्र में रेलवे बोर्ड के अपर सदस्य ट्रैक्शन सोमेश कुमार, चिरेका महाप्रबंधक मोहित चंद्रा और आरडीएसओ के प्रधान कार्यकारी निदेशक अजय कुमार सिन्हा मौजूद रहे। महाप्रबंधक मोहित चंद्रा ने सोमेश कुमार का पौधा भेंट कर स्वागत किया। उद्घाटन संबोधन में मोहित चंद्रा और सोमेश कुमार ने विद्युत इंजनों के रखरखाव, मौजूदा तकनीकी चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों पर जोर दिया। पहले दिन के तकनीकी सत्रों में इंजनों की विश्वसनीयता बढ़ाने, चालक-अनुकूल डिजाइन विकसित करने और लोको कैब संचालन की चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई। चिरेका द्वारा विकसित रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम पर भी विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिससे इंजन की स्थिति की ऑनलाइन निगरानी आसान होगी। एमएसजी बैठक भारतीय रेल का अहम तकनीकी मंच है। यहां विशेषज्ञ रखरखाव, प्रदर्शन सुधार और नई तकनीक के उपयोग पर रणनीति तय करते हैं। यह बैठक रेल की परिचालन दक्षता और सुरक्षा को और मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।