KCC Scheme Update: RBI की नई Guidelines से किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा, Loan Limit और Coverage में होंगे अहम बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India – RBI) किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card – KCC) योजना में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। 6 फरवरी को जारी नोटिफिकेशन में RBI ने कहा है कि वह जल्द ही संशोधित दिशा-निर्देश (Revised Guidelines) जारी करेगा, ताकि किसानों और एग्री सेक्टर (Agriculture Sector) की उभरती जरूरतों को पूरा किया जा सके।
RBI का उद्देश्य करीब तीन दशक पुरानी इस योजना के ढांचे का आधुनिकीकरण (Modernisation) करना है, जिसे मूल रूप से किसानों को कृषि कार्यों के लिए समय पर और पर्याप्त लोन (Timely Credit) उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया था।
KCC Loan Interest Rate: कितने फीसदी ब्याज पर मिलता है लोन?
फिलहाल KCC योजना के तहत किसानों को रियायती दर (Subsidised Interest Rate) पर लोन मिलता है।
भारत सरकार 2% ब्याज सब्सिडी देती है।
समय पर भुगतान करने पर 3% अतिरिक्त रिपेमेंट सब्सिडी मिलती है।
इस तरह प्रभावी ब्याज दर (Effective Interest Rate) घटकर केवल 4% प्रति वर्ष रह जाती है।
पिछले कुछ वर्षों में किसान क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार किया गया है और इसमें कृषि से जुड़ी तथा गैर-कृषि गतिविधियों (Allied & Non-Farm Activities) के लिए निवेश लोन भी शामिल किए गए हैं।
2004 में इसका विस्तार किया गया था और 2012 में इसकी समीक्षा (Review) कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया तथा इलेक्ट्रॉनिक KCC कार्ड (e-KCC) शुरू किए गए।
KCC Scheme में होने जा रहे हैं 4 बड़े बदलाव (4 Major Changes)
1. Crop Loan Standardisation (फसल लोन का मानकीकरण)
RBI के प्रस्ताव के अनुसार फसल लोन की मंजूरी और रिपेमेंट प्रक्रिया को मानकीकृत किया जाएगा।
12 महीने तक की अवधि वाली फसलें: शॉर्ट टर्म क्रॉप्स (Short Term Crops)
18 महीने तक की अवधि वाली फसलें: लॉन्ग टर्म क्रॉप्स (Long Term Crops)
इससे बैंकों और राज्यों के बीच विसंगतियां (Discrepancies) कम होंगी।
2. Loan Tenure बढ़ाने का प्रस्ताव (Extended Loan Tenure)
फसल के अनुसार लोन की अवधि तय की जाएगी, खासकर लंबी अवधि की फसलों के लिए।
RBI ने किसान क्रेडिट कार्ड की कुल अवधि को 6 साल तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
इससे किसानों को भुगतान में सुविधा (Ease of Repayment) मिलेगी और वित्तीय दबाव कम होगा।
3. Crop-based Credit Limit (फसल के हिसाब से लोन लिमिट)
अब KCC के तहत लोन लिमिट खेती की लागत (Cost of Cultivation) के अनुसार तय की जाएगी।
इस बदलाव से अपर्याप्त लोन की समस्या दूर होगी और किसानों को पर्याप्त कार्यशील पूंजी (Working Capital) मिल सकेगी।
4. Technology और Sustainable Agriculture पर फोकस
RBI ने कृषि संपत्तियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए दिए जाने वाले अतिरिक्त 20% घटक के तहत खर्चों की सूची बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
अब इसमें शामिल होंगे:
मिट्टी परीक्षण (Soil Testing)
रियल टाइम मौसम पूर्वानुमान (Real-time Weather Forecasting)
जैविक खेती और अच्छी कृषि पद्धतियों का प्रमाणन (Organic & Good Agricultural Practices Certification)
यह बदलाव टेक्नोलॉजी अपनाने और टिकाऊ खेती (Sustainable Farming) को बढ़ावा देगा।
RBI ने मांगी Stakeholders से प्रतिक्रिया (Feedback Invited)
RBI ने कमर्शियल बैंक (Commercial Banks), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (Regional Rural Banks) और ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए यह प्रस्तावित गाइडलाइन जारी की है।
साथ ही किसानों और अन्य हितधारकों (Stakeholders) से सुझाव और प्रतिक्रिया मांगी गई है।
ये प्रतिक्रियाएं 6 मार्च 2026 तक RBI की वेबसाइट पर ‘Connect 2 Regulate’ पोर्टल या ईमेल के माध्यम से भेजी जा सकती हैं।
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