डायट बस्ती। धर्मेन्द द्विवेदी :डायट बस्ती के प्रांगण में शुक्रवार को 'विश्व पर्यावरण दिवस' के अवसर पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम "गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं हरित पर्यावरण" के संकल्प के साथ आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण थे *पौधारोपण एवं जागरूकता रैली*: संस्थान के अधिकारियों, प्रवक्ताओं और संकाय सदस्यों (फैकल्टी) की उपस्थिति में औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इसके साथ ही डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल के अगुवाई में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें सभी ने पर्यावरण बचाने के बैनर और स्लोगन हाथों में ले रखे थे। *प्रदर्शनी एवं रंगोली:* डायट के प्रशिक्षुओं और 'इको क्लब' (Eco Club) के सदस्यों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर आधारित आकर्षक रंगोली और जल संरक्षण ('सेव वाटर, सेव लाइफ') से जुड़े सुंदर चार्ट व पोस्टर प्रदर्शित किए गए। *पर्यावरण संकल्प:* इस अवसर पर उपस्थित सभी संकाय सदस्यों और प्रशिक्षुओं को पेड़ लगाने, जल बचाने, कचरा कम करने और प्लास्टिक का उपयोग न कर एक हरित जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलाई गई।

संस्थान के प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि डायट बस्ती अनुशासन से हरियाली तक का के लम्बा सफ़र तय किया है   *"एक छोटा कदम, बड़ा बदलाव ला सकता है।"* आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुंदर, स्वच्छ और हरित पृथ्वी छोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। डायट बस्ती में आज 'विश्व पर्यावरण दिवस' के अवसर पर विभिन्न प्रकार की पर्यावरण अनुकूल और शैक्षिक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। संस्थान के मुख्य लक्ष्य "प्रशिक्षित, सक्षम और संवेदनशील शिक्षकों के निर्माण" को आगे बढ़ाते हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों और संकाय सदस्यों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को जगाना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्राचार्य  संजय कुमार शुक्ल की उपस्थिति में पौधरोपण अभियान से हुआ। इस दौरान डायट परिसर में छायादार और औषधीय पौधे लगाए गए। इसके पश्चात कला प्रवक्ता डॉ. गोविंद के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण और नवाचार पर आधारित एक कला व पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें डीएलएड प्रशिक्षुओं ने पर्यावरण संरक्षण, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर बेहद आकर्षक और रंगीन 3D पोस्टर प्रदर्शित किए।

समारोह के समापन पर एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने बदलते मौसम और पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षा व्यवस्था में समावेशी प्रयासों पर जोर दिया। सभी उपस्थित संकाय सदस्यों और भावी शिक्षकों ने "जो हम चाहेंगे वह होगा" के दृढ़ संकल्प के साथ पर्यावरण को हरा-भरा रखने और समाज को इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली।

प्राचार्य के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में कार्यक्रम को मूर्त रूप देने में  प्रवक्ता/नोडल अलीउद्दीन, अमन सेन,  डॉ गोविन्द,   वर्षा पटेल, सरिता चौधरी, डॉ ऋचा शुक्ला, कल्याण पाण्डेय, आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
डायट प्रवक्ता  डॉ गोविन्द प्रसाद, अलीउद्दीन, अमन सेन, डॉ ऋचा शुक्ला, कल्याण पाण्डेय, वर्षा पटेल, डॉ रविनाथ, मो इमरान खान, शशि दर्शन त्रिपाठी, सरिता चौधरी, कुलदीप चौधरी, वन्दना चौधरी,   कनिष्ठ सहायक नवनीत वर्मा, रमाकांत, अनिल चौधरी एवं  डी.एल.एड. प्रशिक्षु में ज्ञानेन्द्र पटेल, दीपांशु, ज्ञान प्रकाश गोंड, अरुण,  चन्दन मिश्रा, अमरेन्द्र  तिवारी, सौरभ, निशा, नित्या द्विवेदी, मनीषा उपाध्याय, शिवशंकर, मनीष दुबे, इंद्रभान, सिद्धांत, अम्बिका आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।