बिद्युत महतो / रफ्तार मीडिया संवाददाता, ईचागढ़: चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के चोगा आदारडीह में आयोजित दो दिवसीय छऊ-झूमर महोत्सव का रंगारंग समापन हो गया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से मानभूम सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित इस सांस्कृतिक उत्सव में लोक कला और संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत भवतारण महतो एवं उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत दरबारी झूमर से हुई। इसके बाद गूंजे झारखंड कला केंद्र, रांची की टीम ने नागपुरी झूमर की आकर्षक प्रस्तुति देकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं सुचांद महतो, चोगा (सरायकेला-खरसावां) द्वारा प्रस्तुत मानभूम छऊ नृत्य ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में पश्चिम बंगाल के कोठशिला से पहुंची ममता महतो एवं उनकी टीम ने कुरमाली झूमर प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
नटराज कला केंद्र, चोगा के सचिव प्रभात कुमार महतो ने कहा कि लोक कला एवं संस्कृति को संरक्षण और बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि छऊ, झूमर और नागपुरी जैसी पारंपरिक लोक विधाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
समापन समारोह में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पूर्वी सिंहभूम पंचानन उरांव, जिला परिषद सदस्य ईचागढ़ पश्चिम सुभाषिनी देवी, उप प्रमुख दीपक कुमार साव, वरिष्ठ नागपुरी लोक कलाकार सुनील कुमार, सोरों पंचायत के मुखिया नयन सिंह मुंडा, ठाकुर दास महतो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।