रफ्तार मीडिया गोवर्धन रजक/धनबाद:जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लापरवाही बरतने वाले प्रखंड चिकित्सा प्रभारियों (एमओआईसी) पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सन्नी राज ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान एमओआईसी के कार्यों पर भारी असंतोष व्यक्त करते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि अधिकारी अपने काम करने का नजरिया बदलें और पूरी लगन से चुनौतियों का सामना करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।सुविधाएं पूरी, फिर भी परिणाम निराशाजनक: सन्नी राज
डीडीसी ने कहा कि जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ और बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी स्वास्थ्य केंद्रों को हर जरूरी संसाधन और सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके बावजूद संस्थागत प्रसव (इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी), पुरुष नसबंदी (एनएसवी) और प्रथम त्रैमासिक (फर्स्ट ट्राइमेस्टर) पंजीकरण आदि में स्वास्थ्य केंद्रों की उपलब्धि अत्यंत निराशाजनक और असंतोषजनक है।
सुधार के लिए डीडीसी ने दिए चार कड़े निर्देश:
सूक्ष्म कार्ययोजना (माइक्रो लेवल प्लानिंग): प्रखंड के आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने के लिए निचले स्तर पर योजना बनाएं।
जवाबदेही तय हो: स्वास्थ्य केंद्र के प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मी और अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए।जनप्रतिनिधियों से समन्वय:प्रखंड के स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दें।
निजी अस्पतालों की जांच:प्रखंड क्षेत्र में संचालित निजी अस्पतालों की नियमित जांच करें और अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें।
तीन महीनों में सदर अस्पताल में 33 हजार से अधिक मरीजों का इलाज
समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि सदर अस्पताल में मरीजों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल में फरवरी में 10,748, मार्च में 9,806 तथा अप्रैल माह में 12,942 सहित कुल 33,496 लोगों का सफल उपचार किया गया है। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं को सदर अस्पताल रेफर करने को प्राथमिकता दें और हर महीने इसका डेटा सिविल सर्जन कार्यालय को सौंपें।एनीमिया मुक्त भारत अभियान में धनबाद पूरे राज्य में नंबर वन
बैठक में एक बड़ी उपलब्धि भी साझा की गई। सिविल सर्जन ने बताया कि एनीमिया मुक्त भारत' अभियान के क्रियान्वयन में धनबाद पूरे झारखंड में प्रथम स्थान पर है। इस उद्देश्य के लिए जिले में अब तक 102 विशेष कैंपों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इसके अलावा बैठक में फाइलेरिया, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया एवं यक्षमा (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रमों की भी गहन समीक्षा की गई।इन महत्वपूर्ण योजनाओं की हुई समीक्षा:
बैठक के दौरान डीडीसी ने स्वास्थ्य उप-केंद्रों में प्रसव की स्थिति, कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी), राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), परिवार नियोजन, ई-संजीवनी, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, एनयूएचएम, मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक और अटल मोहल्ला क्लिनिक के कार्यों की बिंदुवार प्रगति जांची।
बैठक में उपस्थित अधिकारी:इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज**, सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार प्रसाद, डीआरसीएचओ डॉ. रोहित गौतम, डीपीएम *प्रतिमा कुमारी* सहित सभी प्रखंडों के एमओआईसी और स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी मुख्य रूप से मौजूद थे।