सौरभ राय/रफ्तार मीडिया विशेष संवाददाता

रांची: राजधानी रांची में गुरुवार को झारखंड पुलिस के प्रशिक्षु अधिकारियों और जवानों के पारण परेड समारोह का आयोजन किया गया जिसमें  मुख्य अतिथि के रूप राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शामिल हुए। सीएम ने नव नियुक्त अधिकारियों और जवानों से कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और अनुशासन के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया।समारोह में छह प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और 334 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित भी किया गया।

*30 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद पारण परेड का आयोजन*
पारण परेड में शामिल हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन के दौरान पुलिस जवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण पारण परेड के लिए सभी प्रशिक्षुओं ने लगभग 30 सप्ताह का लंबा और कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अनुबंध पर नियुक्त गार्ड जवानों के साथ साथ जेपीएससी  के माध्यम से चयनित डीएसपी भी आज इस गौरवशाली अवसर के सहभागी बने हैं।

*महिलाओं और पुरुषों का सम्मान भागीदारी गर्व का विषय- हेमन्त सोरेन*
वहीं , मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सबसे खुशी की बात यह है कि इस बैच में लगभग 25 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी रही है। बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों का शामिल होना राज्य में लैंगिक समानता की दिशा में सकारात्मक संकेत है। उन्होंने बताया"हम चाहते हैं कि राज्य में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी समान हो। यह बदलाव अब धरातल पर भी दिखाई देने लगा है और पुलिस विभाग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इसका प्रमाण है।"

*लोकतंत्र की आत्मा है शपथ*
शपथ की प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए  कहा कि झमाझम बारिश के बीच सभी प्रशिक्षुओं ने शपथ ग्रहण की, जो केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि शपथ लेना और उसका पालन करना ही किसी लोकतांत्रिक राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है "इसी शपथ और संवैधानिक मूल्यों के कारण हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना है और यह कुछ पंक्तियों की शपथ मात्र नहीं है, बल्कि जनता और संविधान के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता का संकल्प है।"

*आम जनमानस के लिए वर्दीधारियों की जिम्मेदारी सबसे बड़ी होती हैं- मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की तुलना में वर्दीधारी कर्मियों के लिए शपथ का महत्व और भी अधिक है, क्योंकि वे राज्य और समाज के प्रहरी होते हैं। सीएम ने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब सभी जवान और अधिकारी ऐसी व्यवस्था का हिस्सा बन गए हैं, जहां उन्हें हर परिस्थिति में जिम्मेदारी और सजगता के साथ खड़ा रहना होगा। उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि"आप सिर्फ अपने लिए नहीं हैं बल्कि आप राज्य के करोड़ों नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हैं।"

*कर्तव्य निभाते हुए जान की भी देनी पड़ सकती है कुर्बानी*
मुख्यमंत्री ने पुलिस सेवा की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई बार कर्तव्य निभाने के दौरान ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं, जहां पुलिसकर्मियों को अपनी जान तक जोखिम में डालनी पड़ती है।उन्होंने कहा कि राज्य ने ऐसे अनेक बहादुर जवानों को खोया है, जिन्होंने जनता की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।"कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है। उन अधूरे सपनों और अधूरी जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाने का दायित्व अब आप सभी के कंधों पर है।"

*प्रशिक्षण का असर कानून व्यवस्था में दिखना चाहिए*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जवानों और अधिकारियों को विभिन्न परिस्थितियों से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और जनसंपर्क से जुड़े अनेक विषयों की जानकारी दी गई है।उन्होंने कहा कि इन प्रशिक्षणों का वास्तविक परिणाम राज्य की कानून व्यवस्था में दिखाई देना चाहिए। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा "आप लोगों ने जो कुछ सीखा है, उसका प्रभाव जनता के बीच दिखना चाहिए। चुनौतियां हमेशा रहेंगी, लेकिन प्रशिक्षित और समर्पित पुलिस बल हर चुनौती का सामना करने में सक्षम होता है।"

*पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध- हेमन्त सोरेन*
मुख्यमंत्री ने बताया कि खराब मौसम के कारण मुसाबनी में आयोजन संभव नहीं था, इसलिए पुलिस परिसर में पारण परेड का आयोजन किया गया।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिसकर्मियों के कल्याण और उनके परिवारों की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य सरकार ने पुलिस विभाग के लिए अलग विद्यालय और आवासीय स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
"हम चाहते हैं कि पुलिसकर्मियों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।"

*उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को मिला सम्मान*
पारण परेड समारोह के दौरान प्रशिक्षण के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु डीएसपी और जवानों को सम्मानित किया गया। समारोह में शामिल अधिकारियों ने प्रशिक्षुओं के अनुशासन, समर्पण और प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

*इनकी रही उपस्थित*
समारोह में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्र सहित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रिया दुबे और मनोज कौशिक, पुलिस महानिरीक्षक प्रभात कुमार, पंकज कंबोज, सुनील भास्कर, माइकल राज एस., अनूप बिथेरे, मयूर पटेल, कन्हैया लाल एवं सुदर्शन मंडल उपस्थित रहे।इसके अलावा पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज रतन, इंद्रजीत माहथा, वाई.एस. रमेश, शैलेन्द्र बरनवाल, संध्या रानी मेहता तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं गणमान्य लोग समारोह में मौजूद रहे।