दिनेश कुमार रजक/चित्तरंजन: वैवाहिक वेबसाइटों और सोशल मीडिया जैसे फेसबुक के जरिए शादी का झांसा देकर भोली-भाली महिलाओं की जिंदगी बर्बाद करने वाले एक शातिर ठग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चित्तरंजन निवासी अमित चक्रवर्ती नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ दो पीड़ित महिलाओं, महुआ राय चौधरी और सरिता दास, ने चित्तरंजन पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
मैट्रीमोनियल ऐप से बुना जाल
शिकायत के अनुसार, अमित चक्रवर्ती ने एक नामी मैट्रीमोनियल ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर खुद को कुंवारा या तलाकशुदा बताया। साल 2021 में उसने महुआ राय चौधरी को अपने जाल में फंसाया और फिर तारापीठ ले जाकर जबरन शादी कर ली। इसके बाद वह महुआ के पैसों पर ऐश करने लगा। महुआ ने आरोप लगाया कि अमित ने शादी के बाद उनके लाखों रुपये के सोने के गहने अंगूठी, चेन आदि और नकदी हड़प ली। विरोध करने पर वह महुआ के साथ बेरहमी से मारपीट करता था।
कई शादियां और जबरन गर्भपात का संगीन आरोप
मामला तब और गंभीर हो गया जब महुआ को पता चला कि अमित पहले से ही कई महिलाओं के संपर्क में है और फेसबुक के जरिए 62-63 साल की उम्रदराज महिलाओं से लेकर कई अन्य युवतियों को भी अपना शिकार बना चुका है। हद तो तब हो गई जब अमित ने महुआ के गर्भवती होने पर दुर्गापुर के एक डॉक्टर के पास ले जाकर जबरन उनका गर्भपात करवा दिया। पुलिस को दी गई दूसरी शिकायत (सरिता दास द्वारा) से खुलासा हुआ कि अमित पिछले 7 सालों से कोलकाता की सरिता नाम की महिला के साथ भी इसी तरह शादी का नाटक कर धोखा दे रहा था।
परिवार भी था साजिश में शामिल
पीड़ितों ने अमित की मां (उमा चक्रवर्ती), पिता (शिशिर कुमार चक्रवर्ती) और बहन (अनुभा अधिकारी) पर भी इस पूरी धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया है। जब भी कोई महिला विरोध करती, तो अमित उसे जान से मारने और पुलिस को पैसे के दम पर खरीद लेने की धमकी देता था। पीड़ितों ने चित्तरंजन पुलिस से न्याय, अपने डूबे हुए पैसे वापस दिलाने और आरोपी अमित चक्रवर्ती को कड़ी से कड़ी सजा देने की गुहार लगाई है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है। इस संदर्भ में भाजपा चित्तरंजन इकाई के कार्यकर्ताओं ने चित्तरंजन थाना परिसर पर शांति सभा कर महिलाओं पर हुए उत्पीड़न का पुरजोर समर्थन कर आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने पर जोर दिया।