रफ्तार मीडिया संवाददाता पवन गुप्ता

​पिपरवार / खलारी:   चतरा जिले के पिपरवार क्षेत्र में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने अवैध कोयला कारोबारियों के खिलाफ एक और बड़ा शिकंजा कसा है। सीसीएल एनके एवं पिपरवार यूनिट द्वारा चलाए गए सघन अभियान के दौरान पिपरवार स्थित पीएलआर कैंप के पीछे से 83.160 टन अवैध रूप से संग्रहित कोयला बरामद कर जब्त किया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र के कोयला माफियाओं और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

​गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई

​सीआईएसएफ को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि पिपरवार में पीएलआर कैंप के पीछे चोरों द्वारा भारी मात्रा में अवैध कोयला छिपाकर रखा गया है, जिसे सुनियोजित तरीके से तस्करी कर बाहर भेजने की तैयारी थी। सूचना मिलते ही कमांडेंट श्री अमित कुमार के दिशा-निर्देशन में एक विशेष सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया गया।
​दुर्गम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सीआईएसएफ की टीम ने पूरी सतर्कता और पेशेवर दक्षता दिखाते हुए क्षेत्र की बारीकी से तलाशी ली और भारी मात्रा में डंप किए गए अवैध कोयले को अपने कब्जे में ले लिया।

​वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में हुआ अभियान

इस सफल अभियान का नेतृत्व उप कमांडेंट  अजय कुमार पांडेय ने किया।अभियान का मैदानी संचालन सहायक कमांडेंट  हर्ष लवानिया के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
​प्रमुख टीम सदस्य कार्रवाई में निरीक्षक संतोष बिन्हा, उप निरीक्षक अनिल कुमार राय, सहायक उप निरीक्षक श्किशन दास, शिवनेश समेत अन्य अधिकारी और जवान शामिल रहे।

​'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत जारी रहेगी सख्ती

सीआईएसएफ ​कमांडेंट अमित कुमार ने इस बड़ी सफलता पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि कोयला देश की अमूल्य राष्ट्रीय संपत्ति है। इसकी चोरी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि देश के राजस्व को सीधा नुकसान पहुँचाने वाला गंभीर आर्थिक अपराध है। उन्होंने कहा कि एनके और पिपरवार क्षेत्र में कोयला चोरी के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाई गई है। अवैध खनन, भंडारण या तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या संगठित गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।
​गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर )के तहत सीआईएसएफ को प्रदत्त विशेष अधिकारों के बाद से क्षेत्र में अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और अधिक प्रभावी हुई है। सीआईएसएफ की इस निरंतर और आक्रामक कार्रवाई से सरकारी राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है और अवैध कारोबारियों के नेटवर्क की कमर टूट रही है। प्रबंधन और सुरक्षा बलों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा।