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जामताड़ा के कुसमापहाड़ी में मधुमक्खी पालन पर 7 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, किसानों को आय बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीके सिखाए गए

 

 

जामताड़ा / दिनबंधु राउत: जामताड़ा सदर प्रखंड के कुसमापहाड़ी में आत्मा एवं आशा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 7 दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सफलतापूर्वक हुआ। प्रशिक्षण के अंतिम दिन किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन कर आय बढ़ाने के व्यावहारिक गुर सिखाए गए।जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार ने बताया कि किसान पारंपरिक खेती के साथ कृषि के अन्य आयामों को अपनाकर अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जामताड़ा क्षेत्र में तिलहनी फसलों की व्यापक खेती होती है, जहां मधुमक्खी पालन न केवल अतिरिक्त आय का स्रोत है, बल्कि फसलों में परागण की प्रक्रिया को भी सशक्त बनाता है। इससे तिलहनी फसलों के उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। रांची से आए प्रशिक्षक बेलिया बेदिया ने बताया कि क्षेत्र में सरसों की खेती मधुमक्खी पालन के लिए अनुकूल है, जिससे परागण दर बढ़ती है।वहीं मंजूर आलम ने मधुमक्खियों की विभिन्न प्रजातियों, उनके रहन-सहन, भोजन एवं बागवानी फसलों से उनके संबंध पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान 25 कृषकों ने भाग लिया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण किट, प्रमाण पत्र, मधुमक्खी कैप एवं दस्ताने निःशुल्क वितरित किए गए। कार्यक्रम में अभिषेक पांडे और शबाना कासमी का भी सराहनीय सहयोग रहा।

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