राजु मंडल /रफ्तार मीडिया सवाददाता /गांडेय
गांडेय प्रखंड के बुधूडीह और जोरासिमर के बीच नदी पर ग्रामीणों के सहयोग से बनाई गई मिट्टी और पाइप की अस्थायी पुलिया हल्की बारिश में ही बह गई। इसके कारण इस मार्ग से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिया बह जाने से पुतरिया, पहरमा, तेतरिया और बल्कूडीह गांव के ग्रामीण सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि नदी पर पक्का पुल नहीं होने के कारण उन्हें रोजाना आवागमन में भारी असुविधा होती थी। इसे देखते हुए जामुन मंडल, संजय मंडल, जागेश्वर मंडल, मोहन मंडल, भीम मंडल, पंकज मंडल, दीपक मंडल, दसिया देवी, तुलिया देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने अपने आपसी सहयोग से नाले में पाइप और मिट्टी-मोरम डालकर आवाजाही के लिए रास्ता दुरुस्त किया था। लेकिन, हाल ही में हुई हल्की बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव में यह अस्थायी पुलिया बह गई।
पुलिया के बह जाने से ग्रामीणों का संपर्क टूट गया है। लोगों को बुधूडीह पंचायत सचिवालय, उपस्वास्थ्य केंद्र, आदर्श उच्च विद्यालय और स्थानीय बाजार आने-जाने में भारी फेरे लगाने पड़ रहे हैं या जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों और मरीजों को अस्पताल ले जाने में सबसे ज्यादा कठिनाई हो रही है।
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के प्रति गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस नाले में पुल निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्र के पत्रकारों द्वारा लगातार खबरों के माध्यम से आवाजाही की समस्याओं को उजागर किया गया है, इसके बावजूद अब तक इस स्थल पर पक्के पुल का निर्माण नहीं कराया गया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द इस मार्ग पर पक्के पुल के निर्माण की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को इस नासूर बन चुकी समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सके।