बिरनी/गिरिडीह | रफ्तार मीडिया | श्याम मोदी
झारखंड के गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत कपिलो ग्राम पंचायत के मुखिया मुकेश कुमार के लिए 'सरपंच संवाद' केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीखने, अनुभव साझा करने और विकास के नए मॉडल को धरातल पर उतारने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ है। इस पहल के माध्यम से उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों की सफल पंचायतों के कार्यों को करीब से समझा और उनमें से कई नवाचारों को अपने पंचायत क्षेत्र में लागू कर ग्रामीण विकास की नई दिशा देने का प्रयास किया।
मुखिया मुकेश कुमार ने बताया कि सरपंच संवाद के दौरान उन्हें महाराष्ट्र की एक आदर्श पंचायत के पंचायत भवन मॉडल की जानकारी मिली। इस मॉडल से प्रेरणा लेकर कपिलो पंचायत में भी पंचायत भवन के विकास और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया गया। इससे पंचायत कार्यालय की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित होने के साथ-साथ ग्रामीणों को भी सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो रहा है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान पंचायतों की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर भी विशेष जोर दिया गया। इसी क्रम में उन्होंने ओन सोर्स रेवेन्यू (Own Source Revenue) बढ़ाने के विभिन्न उपायों की जानकारी प्राप्त की। इस सीख को व्यवहार में लाते हुए कपिलो पंचायत में बाज़ार हाट की स्थापना की गई, जिससे पंचायत की आय बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों को भी बेहतर सुविधाएं मिलने लगी हैं। इससे पंचायत के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मुखिया मुकेश कुमार ने कहा कि सरपंच संवाद का सबसे बड़ा उद्देश्य देशभर के जनप्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर जोड़ना है, ताकि वे एक-दूसरे के सफल अनुभवों से सीख सकें और उन्हें अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में लागू कर सकें। इस तरह की पहल ग्रामीण विकास, पारदर्शिता और स्थानीय शासन को अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान होने से नई सोच विकसित होती है और विकास कार्यों में नवाचार को बढ़ावा मिलता है। यदि प्रत्येक पंचायत अपनी परिस्थितियों के अनुरूप सफल मॉडलों को अपनाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, राजस्व और जनभागीदारी के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन संभव है।
कपिलो पंचायत में किए जा रहे इन प्रयासों को ग्रामीण भी सकारात्मक पहल के रूप में देख रहे हैं। पंचायत स्तर पर संसाधनों के बेहतर उपयोग, स्थानीय आय के नए स्रोत विकसित करने और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में यह पहल अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।
सरपंच संवाद की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि जब जनप्रतिनिधियों को सीखने, संवाद करने और नवाचार अपनाने का अवसर मिलता है, तो उसका सीधा लाभ ग्रामीण विकास और स्थानीय शासन को मिलता है। कपिलो पंचायत का अनुभव इसी सकारात्मक बदलाव की एक सफल मिसाल बनकर उभरा है।