मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के सिरसा माल पंचायत अंतर्गत हनुमान मंदिर कटान चौक से पटखौलिया होते हुए मछह गांव जाने वाली सड़क की स्थिति इन दिनों काफी दयनीय बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों, विकलांगों और मरीजों के लिए यह रास्ता किसी मुसीबत से कम नहीं रह गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले यहां सड़क निर्माण को लेकर बोर्ड लगाया गया था। लोगों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू होगा, लेकिन चुनाव समाप्त हो गया, परिणाम भी सरकार के पक्ष में आ गया, फिर भी आज तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में इस सड़क की बदहाली को लेकर खबरें भी प्रकाशित हुई थीं, जिसमें सूत्रों के हवाले से जल्द निर्माण का आश्वासन दिया गया था। लेकिन समय बीतने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। सड़क पर बने गड्ढों के कारण आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। हालांकि अब तक कोई बड़ी जानमाल की घटना नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि भले ही यह पंचायत स्तर का कार्य नहीं हो, लेकिन वर्तमान मुखिया और जनप्रतिनिधियों को अपने स्तर से कम से कम गड्ढों की भराई जैसे छोटे कार्य कराना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।
वर्तमान पैक्स अध्यक्ष नीतीश कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “ऐसी गंभीर समस्याओं को मीडिया और जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता से उठाना चाहिए। यह सड़क बनना अत्यंत आवश्यक है।”
वहीं समाजसेवी एवं पूर्व सरपंच ने भी सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर तंज कसते हुए कहा कि “शायद यहां के नेताओं को दूरबीन की जरूरत है, क्योंकि उन्हें जनता की समस्या दिखाई ही नहीं देती।”
उप मुखिया प्रतिनिधि अविनाश सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर से पहले एक टूटी पुलिया की मरम्मत कराई थी। उन्होंने कहा, “जब बड़े-बड़े जनप्रतिनिधि इस रास्ते से गुजरते हुए भी समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं, तब हम छोटे स्तर के लोग आखिर कितना कर सकते हैं?”
इधर विकलांग शिक्षक शैलेंद्र शाह ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि सरकार से मिला उनका इलेक्ट्रॉनिक तीन पहिया वाहन भी इस जर्जर सड़क पर ठीक से नहीं चल पाता। उन्होंने कहा, “गड्ढों की वजह से मुझे चौक तक जाने में काफी परेशानी होती है। कई वर्षों से सड़क की हालत ऐसी ही बनी हुई है। क्या विकास सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा?”
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का स्थायी समाधान हो सके।