कासगंज, 19 जून।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सोरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर महिला एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण व्यवस्था की जमीनी हकीकत का जायजा लिया।
टीकाकरण कार्ड न मिलने पर भड़कीं सदस्य
निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई। सदस्य रेनू गौड़ को पता चला कि नवजात बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण तो किया जा रहा है, लेकिन उन्हें जरूरी 'टीकाकरण कार्ड' उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इस अव्यवस्था पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने और सभी लाभार्थियों को कार्ड मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए।
महिला जन चौपाल में सुनीं समस्याएं
सीएचसी के निरीक्षण के बाद राज्य महिला आयोग की सदस्य सोरों विकास खंड सभागार पहुंचीं, जहां 'महिला जन चौपाल' का आयोजन किया गया था। चौपाल में क्षेत्र से आईं बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी-अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। रेनू गौड़ ने एक-एक कर महिलाओं की शिकायतें सुनीं और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।
"बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अभिभावकों, विशेषकर माताओं को पोषण संबंधी सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। सरकार महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह गंभीर है। महिलाओं की किसी भी समस्या को लंबित नहीं रहने दिया जाएगा और उनका समाधान प्राथमिकता से कराया जाएगा।"
— रेनू गौड़, सदस्य, उ.प्र. राज्य महिला आयोग
अधिकारी व कर्मचारी रहे मौजूद
इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ बाल विकास, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। सदस्य ने सभी को पूरी संवेदनशीलता के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने की हिदायत दी।