कुमार विक्रम/रफ्तार मीडिया: दुमका जिले के मसलिया प्रखंड में बीती रात आई भीषण आंधी और तेज बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई घरों की छतें और छप्पर तिनके की तरह हवा में उड़ गए।झिलुआ गांव में आंधी ने सबसे अधिक प्रभाव डाला है। यहाँ चुनु मरांडी और मैंनसोल मरांडी समेत कई ग्रामीणों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। प्रभावित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। इस संबंध में मसलिया के अंचलाधिकारी रंजन यादव ने बताया कि नुकसान की जांच की जा रही है और जल्द ही सरकारी प्रावधानों के अनुसार नुकसान का उचित आकलन किया जाएगा।तूफान का असर यातायात व्यवस्था पर भी स्पष्ट दिखा। मसलिया प्रखंड कार्यालय के समीप दुमका-नाला मुख्य मार्ग पर एक विशाल सागवान का पेड़ गिर गया। इस कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। स्थानीय लोग स्वयं सड़क से पेड़ हटाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि आवागमन बहाल हो सके।वहीं, इस प्राकृतिक आपदा ने बिजली व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। तेज आंधी के कारण पूरे क्षेत्र में पिछले 18 घंटों से बिजली गुल है। खबर लिखे जाने तक मसलिया में 'ब्लैक आउट' की स्थिति बनी हुई है। बिजली विभाग के सूत्रों के अनुसार, कई स्थानों पर बिजली के खंभे उखड़ गए हैं और तार टूटकर गिर गए हैं। विभाग के मिस्त्री और कर्मचारी सुबह से ही युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं, ताकि जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सके। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को सहायता पहुँचाने का आश्वासन दिया गया है।