वरीय संवाददाता /हजारीबाग :। बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के समीप युवक विक्की कुमार सोनी की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार अपराधियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार करने के साथ-साथ पूर्व में हुई कई लूट, चोरी, ड्रग्स तस्करी और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी शामिल होने की बात कबूल की है।
जानकारी के अनुसार 8 जून 2026 को हजारीबाग शहर के ओकनी निवासी विक्की कुमार सोनी अपने एक दोस्त के साथ कोडरमा जा रहे थे। इसी दौरान बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास अज्ञात अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन अनुसंधान के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विक्रम कुमार (25 वर्ष), पिता विजय साव, निवासी नारदीगंज, जिला नवादा (बिहार) तथा दिलीप कुमार (25 वर्ष), पिता केसर चौधरी, निवासी चंदा खुर्द, थाना वजीरगंज, जिला गया (बिहार) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और मृतक जी कर से यात्रा कर रहे हुंडई कंपनी की ग्रे रंग की कार (संख्या JH02AE-0232) बरामद की है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पहले से रहा है आपराधिक इतिहास
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों गिरफ्तार आरोपी पूर्व से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। दिलीप कुमार के खिलाफ बिहार उत्पाद अधिनियम, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। वहीं विक्रम कुमार पर मारपीट, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हजारीबाग समेत अन्य जिलों में हुई कई लूट, चोरी, ड्रग्स तस्करी और आपराधिक घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इन मामलों की भी जांच की जा रही है।
एसआईटी टीम की भूमिका रही अहम
इस हत्याकांड के खुलासे में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बरही राधाप्रेम किशोर, बरही थाना प्रभारी बिनोद कुमार, पुलिस अधिकारियों शमशेर बहादुर सिंह, राजबल्लभ यादव, राजेश भोक्ता, तकनीकी शाखा हजारीबाग तथा बरही थाना के सशस्त्र बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे और गिरफ्तारियां की जा सकती।