रफ्तार मीडिया संवाददाता/मिहिजाम
चित्तरंजन रेल नगरी के कस्तूरबा गांधी अस्पताल में रविवार को मरीजों को बासी और दुर्गंधयुक्त भोजन परोसे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। दोपहर के खाने में परोसे गए चावल से आ रही तेज गंध के कारण महिला वार्ड-1 और वार्ड-2 समेत अन्य वार्डों के मरीजों ने खाना खाने से साफ इनकार कर दिया। मरीजों का कहना है कि स्वास्थ्य लाभ के लिए अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्हें ऐसा असुरक्षित भोजन दिया जा रहा है, जो उनकी सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। आक्रोशित मरीजों में अजय कुमार महतो, रुकमिणी चटर्जी, सावित्री देवी, कल्याणी कुंडू और सबिता दास प्रमुख हैं, ने मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत पत्र में मरीजों ने अस्पताल की भोजन व्यवस्था में सुधार, नियमित गुणवत्ता जांच और लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चित्तरंजन रेलइंजन कारखाना के अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। हालांकि, इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।