दीपचंद दीक्षित/फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” अभियान के अंतर्गत कोतवाली फर्रुखाबाद पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए लावारिस हालत में मिले लगभग 3 वर्षीय मासूम बालक को महज दो घंटे के भीतर उसके परिजनों से मिलाकर सकुशल सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस सराहनीय कार्यवाही की क्षेत्रभर में प्रशंसा की जा रही है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली फर्रुखाबाद क्षेत्र में एक लगभग तीन वर्षीय बालक अकेला भटकता हुआ मिला था। बालक काफी छोटा होने के कारण वह अपने घर अथवा परिजनों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को अकेला देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली फर्रुखाबाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बच्चे को अपनी सुरक्षा में लेकर उसके परिजनों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस द्वारा बच्चे की पहचान कराने के लिए थाना वॉलंटियर ग्रुप, न्यूज चैनल ग्रुप, डीसीआरबी तथा अन्य सोशल और तकनीकी माध्यमों का सहारा लिया गया। इसके साथ ही पुलिस कर्मियों ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ भी की। लगातार किए गए प्रयासों और सक्रियता के चलते करीब दो घंटे के भीतर बच्चे के माता-पिता एवं परिजनों की जानकारी प्राप्त कर ली गई।
पुलिस द्वारा आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपने मासूम बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने फर्रुखाबाद पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की तत्परता की वजह से उनका बच्चा सुरक्षित मिल सका।
इस पूरी कार्यवाही के दौरान पुलिस की संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की भी लोगों ने सराहना की। स्थानीय नागरिकों एवं आम जनमानस का कहना है कि पुलिस ने जिस तेजी और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया, वह सराहनीय है। “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने का यह अभियान लगातार समाज में सकारात्मक संदेश दे रहा है।
फर्रुखाबाद पुलिस की इस कार्यवाही से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में भी हमेशा आगे रहती है।