तिसरी/गिरिडीह/रफ्तार मीडिया, रंजन कुमार
तिसरी प्रखंड में पशुपालन कार्यालय में पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत लगभग 17 लाभुकों के बीच बकरियों का वितरण किया गया। वितरण के दौरान ही पशुपालन कार्यालय में हंगामा होने लगा। कई लाभुकों ने आरोप लगाया कि उन्हें योजना के निर्धारित मानक के अनुसार बकरियां नहीं दी गईं।
जानकारी के अनुसार योजना के तहत उन्हें 4 मादा एवं 1 नर बकरी वितरण करना था । लेकिन कई लोगों को केवल 3 मादा और 1 नर बकरी ही दी गई। वहीं कुछ लाभुकों को 5 मादा और 2 नर बकरी दिए जाने की बात भी सामने आई है।
मामले की जानकारी मिलने पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष रिंकू बरनवाल पशुपालन कार्यालय पहुंचे और वितरण प्रक्रिया पर नाराजगी जताई। इन्होंने कहा विभाग द्वारा योजना के नियमों का पालन नहीं किया गया। मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत प्रत्येक चयनित लाभुक को 4 मादा एवं 1 नर उच्च नस्ल की बकरी उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, लेकिन वितरण में भारी अनियमितता देखने को मिली।
उन्होंने बकरियों की गुणवत्ता और खरीद मूल्य पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बाजार में ऐसी बकरियों की कीमत करीब 2000 से 2500 रुपये है, जबकि विभाग द्वारा लगभग 4500 रुपये प्रति बकरी की दर से खरीद किए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की शिकायत उपायुक्त से करने की बात कही और जांच की मांग की।
वहीं, मामले पर पशु चिकित्सक राम कृष्ण बाउरी ने सफाई देते हुए कहा कि जिन लाभुकों को कम बकरियां दी गई हैं, उनकी अनुदान राशि कम स्वीकृत हुई थी अथवा उन्हें पूरी अनुदान राशि प्राप्त नहीं हुई थी। इसी आधार पर बकरियों की संख्या निर्धारित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि वितरण की गई सभी बकरियां ब्लैक बंगाल नस्ल की हैं और उनकी कीमत लगभग 4500 रुपये प्रति बकरी है।