दिनेश कुमार रजक/रफ्तार मीडिया संवाददाता /मिहिजाम
अमर शहीद डीएसपी प्रमोद कुमार की 18वीं पुण्यतिथि मंगलवार को श्रद्धा और सादगी के साथ मनाई गई। कुर्मीपाड़ा स्थित उनके पैतृक आवास पर परिजनों ने पूजा-अर्चना की और प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। डाकबंगला स्थित प्रतिमा स्थल पर भी स्थानीय लोगों ने उन्हें नमन किया। डीएसपी प्रमोद कुमार झारखंड पुलिस सेवा के अधिकारी थे। वर्ष 2008 में वे रांची के बुंडू अनुमंडल में एसडीपीओ के पद पर तैनात थे। एक बड़े लूटकांड के खुलासे के लिए वे लगातार अभियान चला रहे थे। 30 जून 2008, हूल दिवस के दिन जांच के लिए जंगल के रास्ते जाते समय नक्सलियों की बारूदी सुरंग में उनकी गाड़ी विस्फोट का शिकार हो गई। इस हमले में डीएसपी प्रमोद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी शहीद हो गए। स्थानीय लोगों ने कहा कि मिहिजाम को अपने इस वीर सपूत पर गर्व है। प्रमोद कुमार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। कई युवाओं ने कहा कि वे उनके जैसे ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अफसर बनना चाहते हैं। हालांकि, पुण्यतिथि पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के न पहुंचने से लोगों में नाराजगी दिखी। ग्रामीणों का कहना था कि शहीदों के सम्मान में प्रशासन को मौजूद रहना चाहिए। शहीद की भाभी मंजू देवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि प्रमोद की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन देश सेवा में उनके सर्वोच्च बलिदान पर परिवार को गर्व है। इस मौके पर डॉ. एल.एन. प्रसाद, शिव शंकर प्रसाद, शबनम देवी, डॉ. मनीष कुमार, अनिमेष कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।