दिनेश कुमार रजक/रफ्तार मीडिया संवाददाता/मिहिजाम

जामताड़ा प्रखंड के बरजोरा और उदलबनी पंचायत के करीब 40 गरीब परिवारों को अचानक बैंक के फर्जी लोन का नोटिस मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। जिन लोगों ने कभी लोन लिया ही नहीं, उन्हें अब 40 हजार से 70 हजार रुपये तक चुकाने के लिए कहा जा रहा है। नोटिस में एक सप्ताह में राशि जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। सोमवार को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के जिला अध्यक्ष मंतोष कुमार महतो के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण बैंक ऑफ इंडिया, मिहिजाम शाखा पहुंचे। बैंक परिसर में घंटों हंगामा चला। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2021 में बैंक का सीएसपी संचालक बिमल चंद्र महतो किसानों से केसी बनाने के नाम पर फॉर्म और दस्तावेज ले गया था। न तो केसी मिला न ऋण, लेकिन एक साल बाद घरों पर लोन चुकाने के नोटिस आने लगे। पीड़ित सुरेश प्रसाद महतो ने कहा, हमने लोन लिया ही नहीं तो पैसा क्यों दें? हमें न्याय चाहिए। डीसी, एसपी और थाना में शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ। 2024 में बैंक ने नोटिस न भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन फिर से नोटिस भेजे गए। बैंक मैनेजर ने मामले की जांच की बात कहकर पीड़ितों को धनबाद जोनल कार्यालय में शिकायत करने को कहा। जेएलकेएम के जिला अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर फर्जी लोन की प्रविष्टियां रद्द नहीं हुईं तो गोराईनाला मोड़ पर धरना और सड़क जाम किया जाएगा।