संवाददाता राजन साहू कानपुर
कानपुर, नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कथित बर्बरता के खिलाफ आज यहां अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कानपुर नगर के जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने इस घटना की न्यायिक जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कनिष्ठ उपाध्यक्ष अधिवक्ता मोहम्मद तौहीद ने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज करना पूरी तरह से अमानवीय और असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण मार्च पर पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे देश के वकीलों और आम जनता में आक्रोश है। तौहीद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं मांगा, तो अधिवक्ता समाज और बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगा।
प्रदर्शन के दौरान सभी अधिवक्ताओं ने 'शेम-शेम' के नारे लगाते हुए सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। ज्ञापन में कहा गया है कि नीट की परीक्षा में बार-बार हो रहे पेपर लीक से छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। अब तक इस घटना के कारण 23 छात्र-छात्राएं आत्महत्या कर चुके हैं, जो अत्यंत दुखद है।
प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोनल पाठक, कोषाध्यक्ष भगवत दास, संयुक्तमंत्री प्रशासन अनिल बाबू चौधरी, संयुक्तमंत्री पुस्तकालय अभय त्रिपाठी और संयुक्तमंत्री प्रकाशन विवेक सिंह समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन में मांग की गई कि इस घटना की न्यायिक जांच कराई जाए और लाठीचार्ज में दोषी पुलिसकर्मियों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, परीक्षा प्रणाली में सुधार कर ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।