ओम प्रकास तिवारी 
मोतिहारी। बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने गैर-वन क्षेत्रों में जंगली जानवरों के हमलों से होने वाली जान-माल की क्षति पर पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब यदि गांव या आबादी वाले क्षेत्र में बाघ, तेंदुआ, हाथी अथवा अन्य वन्यजीव के हमले से किसी व्यक्ति की मृत्यु, घायल होने, पशुधन या संपत्ति को नुकसान होता है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत पीड़ितों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
वन विभाग के अनुसार मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इस राहत योजना का दायरा गैर-वन क्षेत्रों तक बढ़ाया गया है। नई व्यवस्था के तहत वन्यजीव के हमले में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल होने पर 1.44 लाख रुपये तथा सामान्य रूप से घायल होने पर 24 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा हाथी या अन्य वन्यजीव के हमले से दुधारू पशु, बैल, बकरी, भेड़ सहित अन्य पालतू पशुओं की मृत्यु होने पर भी निर्धारित श्रेणी के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। मकान, फसल एवं अन्य संपत्ति को हुए नुकसान का विभागीय आकलन कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
वन विभाग ने बताया कि किसी व्यक्ति की मृत्यु या घायल होने की स्थिति में घटना की सूचना 24 घंटे के भीतर निकटतम वन प्रक्षेत्र कार्यालय, वन प्रमंडल कार्यालय एवं संबंधित थाना को देना अनिवार्य है। पालतू पशु के शिकार की स्थिति में संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज कराना तथा 24 घंटे के भीतर वन विभाग को सूचना देना आवश्यक होगा। मृत पशु को वन अधिकारियों की जांच पूरी होने से पहले नहीं हटाया जाएगा।
फसल या मकान को नुकसान होने पर दो दिनों के भीतर वन प्रक्षेत्र कार्यालय अथवा अंचल अधिकारी कार्यालय में सूचना देना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ संबंधित भूमि के दस्तावेज एवं लगान रसीद की प्रति भी संलग्न करनी होगी।
वन प्रमंडल पदाधिकारी, मोतिहारी अमीत कुमार ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को समय पर राहत पहुंचाना और आर्थिक संकट से उबारना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी गांव या आबादी वाले क्षेत्र में हाथी या अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो उसे स्वयं भगाने या पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना दें ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से आवश्यक कार्रवाई कर सके।