दिनेश कुमार रजक/रफ्तार मीडिया संवाददाता/चित्तरंजन
 

चिरेका लेबर यूनियन ने अपने पूर्व उपाध्यक्ष स्वर्गीय मिहिर डे की 51वीं पुण्यतिथि पर मानवता की मिसाल पेश की। एरिया-04 स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित रक्तदान शिविर में 57 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाजसेवा का संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि 23 जून 1975 को मिहिर डे की उनके आवास के पास असामाजिक तत्वों ने हत्या कर दी थी। उनके आदर्शों और सेवा भाव को जीवित रखने के लिए यूनियन हर वर्ष उनकी स्मृति में रक्तदान शिविर आयोजित करती है। इस बार भी रक्तदाताओं ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाया। शिविर का उद्घाटन सीटू की पश्चिम बंगाल राज्य समिति के सदस्य गौरांग चटर्जी ने फीता काटकर किया। चित्तरंजन सेल्फलेस सर्विस सोसाइटी ने आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया और चिकित्सकीय व्यवस्थाएं संभालीं। यूनियन के महासचिव राजीव गुप्ता ने सभी रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मिहिर डे की सोच थी - “जियो और जीने दो”। रक्तदान उसी का सबसे बड़ा रूप है। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता निर्मल मुखर्जी सहित यूनियन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। आयोजकों ने कहा कि रक्त की एक-एक बूंद किसी के जीवन की डोर थाम सकती है, और मिहिर डे की स्मृति को इससे बेहतर श्रद्धांजलि नहीं हो सकती।