दीपचंद्र दीक्षित, ब्यूरो चीफ
फर्रुखाबाद। अघोषित विद्युत कटौती तथा बिना किसी सर्वे और जांच के उपभोक्ताओं के घरों का विद्युत लोड बढ़ाकर अतिरिक्त बिल वसूले जाने के विरोध में सोमवार को फर्रुखाबाद विकास मंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान लोगों में उस समय और अधिक आक्रोश फैल गया जब पूर्व सूचना के बावजूद अधीक्षण अभियंता कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। इससे नाराज प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के बाहर ही ज्ञापन चस्पा कर दिया और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार में कुछ अधिकारी पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं। पहले से कार्यक्रम की जानकारी होने के बावजूद अधीक्षण अभियंता का कार्यालय से गायब रहना जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को सुनने के बजाय अधिकारी मुंह छिपाकर घूम रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि उपभोक्ताओं का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो संगठन व्यापक आंदोलन करेगा।
प्रदर्शन के बाद अधिशासी अभियंता (शहर) बृजभान सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान मौके पर मौजूद कई उपभोक्ताओं ने अपने बिजली बिलों में बढ़े हुए लोड और अधिक बिल की शिकायत की, जिस पर अधिकारियों ने कई मामलों का तत्काल निस्तारण कराया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बिना किसी डोर-टू-डोर सर्वे के उपभोक्ताओं का 2 किलोवाट लोड बढ़ाकर 3 और 4 किलोवाट कर दिया गया है, जिससे बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं। उनका कहना था कि जिन घरों में अतिरिक्त लोड की आवश्यकता नहीं है, वहां भी मनमाने तरीके से लोड बढ़ाकर उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पहले प्रत्येक घर का सर्वे कराया जाए और वास्तविक आवश्यकता होने पर ही लोड बढ़ाया जाए।
अधिशासी अभियंता बृजभान सिंह ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि लाइन शिफ्टिंग कार्य के कारण की जा रही घोषित विद्युत कटौती को फिलहाल बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाइन शिफ्टिंग का कार्य अब अक्टूबर या नवंबर माह में कराया जाएगा ताकि भीषण गर्मी के दौरान उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अंगद पांडे उर्फ कोमल ने कहा कि बिजली विभाग अनाप-शनाप बिल भेजकर जनता का आर्थिक शोषण कर रहा है। पहले जहां उपभोक्ताओं के बिजली बिल एक से दो हजार रुपये आते थे, वहीं अब चार से पांच हजार रुपये तक के बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने इसे विभाग की नई लूट व्यवस्था बताते हुए तत्काल बंद करने की मांग की।
निषाद सभा के जिलाध्यक्ष अनिल कश्यप ने कहा कि बिजली विभाग का रवैया गरीबों के प्रति ठीक नहीं है। अधिकारी उपभोक्ताओं से सम्मानजनक व्यवहार नहीं करते हैं। विभाग को अपना कार्य व्यवहार सुधारना होगा और जनता का उत्पीड़न बंद करना होगा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से निशित दुबे उर्फ निशु, राजा मिश्रा, राजीव वर्मा, पंकज राठौर, राजीव पाल, आलोक मिश्रा भूरे, अभिषेक श्रीवास्तव, विष्णु मिश्रा (जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय बजरंग दल), आयुष सक्सेना एडवोकेट, अमल परिहार एडवोकेट, अनुज तिवारी एडवोकेट, के.के. द्विवेदी उर्फ बंटू, शनि बाथम, सौरभ शुक्ला, रजत वर्मा, आकाश चतुर्वेदी, शिवलू खान, अनंत राम श्रीवास्तव, कुलदीप दीक्षित, अजय मिश्रा, नीतीश पांडे, राहुल दीक्षित गुड्डा एडवोकेट, आशू मिश्रा, नीरज यादव, सचिन पांडे, अशफाक खान, आफताब खान, शिव शंकर मिश्रा, समीर खान, रेहान खान, ईशान कुमार, अनीश खान, मलखान सिंह राजपूत, रामबरन शाक्य, गुड्डू राजपूत, शाहिद सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।