बिहार: राष्ट्रीय राजमार्ग-139 (NH-139) पर स्थित दोमुहान पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद जिस जगई-देव बालूगंज सड़क को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, अब उसी मार्ग का पुल भी जर्जर हो गया है। लगातार भारी वाहनों के दबाव के कारण पुल की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि दोमुहान पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने के बावजूद ट्रक और अन्य बड़े वाहन एरका कॉलोनी नहर मार्ग से होकर जगई-देव बालूगंज सड़क का उपयोग कर रहे हैं। यह पुल इतने अधिक भार के लिए डिजाइन नहीं किया गया था, जिसके कारण इसमें दरारें पड़ने लगी हैं और इसकी संरचना कमजोर होती जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी पुल से रोजाना स्कूली बच्चे, किसान, दोपहिया और छोटे चारपहिया वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यदि समय रहते पुल की तकनीकी जांच और मरम्मत नहीं कराई गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पुल की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, आवश्यक मरम्मत कराई जाए और भारी वाहनों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।