दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।

जिले में पुराने ऑफलाइन जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्रों के डिजिटलीकरण और नागरिकों को सीआरएस पोर्टल के माध्यम से डिजिटल प्रतियां उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रक्रिया में शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उपायुक्त ने कहा कि जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण प्रत्येक परिवार के लिए महत्वपूर्ण और कानूनी रूप से आवश्यक है। जन्म अथवा मृत्यु की घटना का 21 दिनों के भीतर निःशुल्क पंजीकरण कराया जा सकता है। निर्धारित समय के बाद नियमानुसार शुल्क एवं प्रक्रिया के तहत विलंबित पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। पुराने ऑफलाइन प्रमाण-पत्रों के डिजिटलीकरण के लिए आवेदक को संबंधित रजिस्ट्रार की अनुशंसा सहित आवेदन, पूर्व में जारी प्रमाण-पत्र की रजिस्ट्रार द्वारा सत्यापित प्रति, माता-पिता के आधार की स्व-अभिप्रमाणित प्रति, बच्चे के आधार की प्रति तथा जन्म-मृत्यु रजिस्टर के संबंधित पृष्ठ की प्रमाणित छायाप्रति प्रस्तुत करनी होगी। दस्तावेजों के पूर्ण सत्यापन के बाद ही सीआरएस पोर्टल से डिजिटल प्रति जारी की जाएगी। आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रस्तुत दस्तावेजों का मूल जन्म-मृत्यु रजिस्टर से पूर्ण मिलान किया जाए। अधूरे, अस्पष्ट, संदिग्ध या अभिलेखों से मेल नहीं खाने वाले आवेदनों की गहन जांच कर उन्हें अस्वीकृत किया जाएगा। बिना वैध अभिलेखों के किसी आवेदन को स्वीकृति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गलत सूचना, लापरवाही या फर्जी प्रमाण-पत्र जारी होने पर संबंधित रजिस्ट्रार व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे और नियमानुसार कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि जन्म-मृत्यु का पंजीकरण समय पर कराएं और प्रमाण-पत्र को सुरक्षित रखें।