सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया
नई दिल्ली/ रांची :हूल दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित कार्यक्रम में रांची नगर निगम की महापौर रोशनी खलखो ने अतिथि के रूप में शिरकत की। मौके पर उन्होंने हूल क्रांति के अमर नायक सिदो कान्हू, चाँद भैरव तथा वीरांगनाओं फुलो झानो को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके अद्वितीय साहस, बलिदान और स्वाभिमान के संघर्ष को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
*हूल क्रांति एकता और संघर्ष का ऐतिहासिक प्रतीक है- रौशनी खलखो*
महापौर रोशनी खलखो ने अपने संबोधन में कहा कि हूल क्रांति केवल अंग्रेजी शासन के खिलाफ एक विद्रोह नहीं थी, बल्कि जल, जंगल, जमीन और स्वाभिमान की रक्षा के लिए जनजातीय समाज के अदम्य साहस, एकता और संघर्ष का ऐतिहासिक प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हूल के महानायक आज भी समाज को अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष करने तथा अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित करते हैं।
*यूवाओ को वीर शहीदों से प्रेरणा लेने का दिए संदेश*
युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए रौशनी खलखो ने कहा सिदो कान्हू, चाँद भैरव और फुलो झानो जैसे महान क्रांतिकारियों के जीवन, विचारों और बलिदान से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उनके आदर्श समाज में समानता, स्वाभिमान और न्याय की भावना को मजबूत करने का संदेश देते हैं।
*पीएम मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के महापुरुषों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने के लिए की गई पहल*
रांची की मेयर रौशनी खलखो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान जनजातीय समाज के महापुरुषों और उनके गौरवशाली इतिहास को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। इन प्रयासों से जनजातीय नायकों के योगदान को देशभर में नई पहचान और सम्मान मिला है, जिससे समाज का गौरव बढ़ा है।
*इनकी रही उपस्थिति*
हूल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील देवधर द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल, लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज, रांची के उप महापौर नीरज कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।