रांची/गया: बिहार और झारखंड को बेहतर रेल संपर्क से जोड़ने वाली गया-डालटनगंज नई रेल लाइन परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है। रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के सर्वे और तकनीकी तैयारियों को गति देते हुए झारखंड के डालटनगंज क्षेत्र में मिट्टी जांच (Soil Testing) की तैयारी पूरी कर ली है। जल्द ही रेलवे की इंजीनियरिंग टीम प्रस्तावित रेल मार्ग पर भूगर्भीय परीक्षण शुरू करेगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित ट्रैक के विभिन्न हिस्सों से मिट्टी के नमूने लेकर उसकी मजबूती, भार वहन क्षमता (Load Bearing Capacity) और भूगर्भीय संरचना की वैज्ञानिक जांच की जाएगी। यह प्रक्रिया रेल लाइन, पुल और पुलियों के सुरक्षित निर्माण के लिए बेहद अहम मानी जाती है।
मिट्टी जांच पूरी होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। इसमें रेल लाइन की लंबाई, संभावित स्टेशन, पुल-पुलियों की संख्या, निर्माण लागत, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय प्रभाव जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी। डीपीआर तैयार होने के बाद इसे रेलवे बोर्ड की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी और फिर चरणबद्ध तरीके से रेल लाइन का निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
यह परियोजना पूरी होने के बाद बिहार और झारखंड के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। गया और डालटनगंज के बीच सफर आसान होगा, यात्रा का समय घटेगा और व्यापार, पर्यटन तथा स्थानीय रोजगार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह रेल लाइन क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।