मोतिहारी/पताही। जनप्रतिनिधि की पहचान केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होती, बल्कि जनता के बीच उसकी निरंतर सक्रियता, विकास के प्रति प्रतिबद्धता और हर वर्ग तक उसकी पहुंच ही उसकी वास्तविक कार्यशैली को परिभाषित करती है। पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड अंतर्गत बखरी गांव निवासी एवं जिला परिषद क्षेत्र संख्या-51 के वर्तमान निर्वाचित जिला परिषद सदस्य आभा सिंह के प्रतिनिधि गुड्डू सिंह इन दिनों अपने क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। गांव-गांव पहुंचकर वे विकास कार्यों की जानकारी ले रहे हैं, आम लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और संबंधित मामलों के समाधान के लिए पहल कर रहे हैं।
क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में भ्रमण के दौरान गुड्डू सिंह सड़क, नाली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, किसानों की समस्याएं, युवाओं के रोजगार तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों से चर्चा करते हैं। जहां संभव होता है, वहां संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रयास भी करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं रहते, बल्कि प्रत्येक समस्या को गंभीरता से सुनते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गुड्डू सिंह का स्वभाव सरल, शांत और सहज है। वे बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के लोगों से मिलते हैं और सभी की बातों को समान महत्व देते हैं। यही कारण है कि क्षेत्र के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और किसान उनसे खुलकर अपनी समस्याएं साझा करते हैं।
बखरी गांव से निकलकर जनसेवा की राह पर आगे बढ़े गुड्डू सिंह अपने पूर्वजों से मिले संस्कारों और सामाजिक मूल्यों को सार्वजनिक जीवन में उतारने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके परिवार की सामाजिक पहचान और जनसरोकारों से जुड़ाव लंबे समय से रहा है, जिसका प्रभाव उनके व्यवहार और कार्यशैली में भी दिखाई देता है।
गुड्डू सिंह का मानना है कि जिला परिषद केवल योजनाओं की स्वीकृति देने वाली संस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। उनका कहना है कि विकास कार्यों की वास्तविक जानकारी तभी मिलती है जब जनप्रतिनिधि स्वयं गांवों में जाकर लोगों से संवाद करे और उनकी आवश्यकताओं को समझे। इसी उद्देश्य से वे नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं।
वे शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार और किसानों की आर्थिक मजबूती को ग्रामीण विकास का आधार मानते हैं। उनका कहना है कि जागरूक और शिक्षित समाज ही विकास की नई दिशा तय कर सकता है। इसलिए जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जनता को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना भी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान कार्यकाल में भी गुड्डू सिंह लगातार क्षेत्र में सक्रिय बने हुए हैं। चुनाव जीतने के बाद भी उनका जनसंपर्क अभियान नहीं रुका है। वे समय-समय पर गांवों का दौरा कर लोगों से मिलते हैं, विकास कार्यों की समीक्षा करते हैं और नई आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि लोकतंत्र में वही जनप्रतिनिधि अधिक प्रभावी माना जाता है जो चुनाव के बाद भी जनता के बीच अपनी उपस्थिति बनाए रखे। सिंह की सक्रियता इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
गुड्डू सिंह का कहना है कि जनता ने उन्हें जो विश्वास और जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाना उनका कर्तव्य है। उनका प्रयास है कि जिला परिषद क्षेत्र संख्या-51 का प्रत्येक गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़े और किसी भी व्यक्ति की समस्या केवल आवेदन तक सीमित न रहे, बल्कि उसके समाधान की दिशा में ठोस पहल हो।
वर्तमान समय में क्षेत्र में उनकी लगातार सक्रियता, जनसंवाद और विकास कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच यह सीधा संवाद भविष्य में क्षेत्र के विकास को नई गति देगा।