दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा
जामताड़ा सदर अस्पताल में भर्ती दो मरीजों की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेत्री बबीता झा ने अस्पताल प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों और चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि दोनों मरीज गंभीर एवं पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे और उनका लगातार इलाज किया गया। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब आठ बजे चापुड़िया निवासी 24 वर्षीय मुन्ना मोहाली तथा मिहिजाम थाना क्षेत्र के बाबूराम मरांडी (40) को इलाज के लिए जामताड़ा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात उपचार के दौरान दोनों मरीजों की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में शोक व्याप्त है। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा और आवश्यक निगरानी नहीं मिलने के कारण दोनों की जान चली गई। परिजनों से सूचना मिलने के बाद भाजपा नेत्री बबीता झा सदर अस्पताल पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण दोनों मरीजों की मौत हुई है। उनका कहना था कि जामताड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि रात्रि ड्यूटी के दौरान मरीजों की नियमित निगरानी नहीं होने से इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं।बबीता झा ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे अपने विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को ही बेहतर नहीं बना पा रहे हैं तो पूरे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद करना मुश्किल है। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य मंत्री को पद से हटाने और स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार करने की मांग की। साथ ही कहा कि पूरे मामले की शिकायत उपायुक्त से कर दोषी अधिकारियों एवं चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जाएगी।उन्होंने अस्पताल में शव वाहन की उपलब्धता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी वाहन समय पर नहीं मिलने से मृतकों के परिजनों को निजी एंबुलेंस या अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इधर, ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. एपीएम देव ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि दोनों मरीज गंभीर और पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे। उन्होंने कहा कि पूरी रात चिकित्सकीय टीम ने उनका इलाज किया और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। मामले को लेकर अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।