बस्ती। धर्मेन्द द्विवेदी :जिला अस्पताल के पंजीकरण कक्ष में मंगलवार की रात शार्ट सर्किट से आग लग गई। कक्ष में लगे कंप्यूटर सिस्टम सहित बिजली के उपकरण जल कर नष्ट हो गए। वहीं बगल में आयुष चिकित्सक का कक्ष भी था, आग की लपेटे वहां भी पहुंच गई। जिससे काफी नुकसान हो गया। आयुष विंग की ओपीडी प्रभावित रही। बुधवार को ओपीडी का पर्चा आफ लाइन बनाया गया। इससे रोगियों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल के आयुष विंग की बिल्डिंग में पंंजीकरण कक्ष है। रात में कक्ष में शार्ट सर्किट से आग लग गई। जिससे कक्ष में रखा कंप्यूटर सिस्टम व रूम में लगी एसी व पंखा जलकर नष्ट हो गई। बगल में ही आयुष चिकित्सक का कक्ष था। उस कक्ष में भी आग की लपटे पहुंच गई थी। आयुष बिल्डिंग के कक्ष पूरी तरह धुएं की वजह से काले हो गए थे। कक्ष की खिड़ियां बंद थी। जिससे धुंआ बाहर तक नही निकल पाया। सुबह जब कर्मी पहुंचे और दरवाजा खोला तो दंग रह गए। पंजीकरण कक्ष के अंदर लगे कंप्यूटर सिस्टम जलकर नष्ट हो गए थे। पंखा व एसी भी जलकर बर्बाद हो गया था।
ओपीडी के लिए आफलाइन पंजीकरण किया गया। दूसरी जगह बैठकर कर्मी पंजीकरण कर रहे थे। जिसकी वजह से कुछ रोगियों व तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं आयुष बिल्डिंग में बैठने वाले चिकित्सकों को ओपीडी के लिए परेशानी हुई। आयुष चिकित्साधिकारी डा. वीके वर्मा ने कहा कि उनके कक्ष में भी आग ने तांडव मचाया था। जिसके चलते उसमें बैठने लगाया नही थी। इसलिए वह ओपीडी नहीं कर पाए। जो रोगी आयुष विंग में दिखाने आए थे उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। सुबह कर्मचारी लगाकर आयुष विंग की बिल्डिंग को साफ कराया गया। धुएं की वजह से काले हुए दीवाल को भी कराया गया।
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एस आई सी डॉ खालिद रिजवान ने बताया कि पंजीकरण कक्ष में शार्ट सर्किट से आग लगने से काफी नुकसान हुआ है। आंकलन के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई। जिसमें एक इलेक्ट्रीशियन, आपरेटर व चिकित्सक को शामिल किया गया है। तीन दिन के अंदर क्षति का आकंलन करके रिपोर्ट देना है।