बुंडू दशम फॉल थाना क्षेत्र में युवतियों की कार का पीछा करने और शीशा तोड़ने का वायरल वीडियो आपने भी देखा होगा। सोशल मीडिया पर इसे सरेआम गुंडागर्दी बताया गया, लेकिन रफ़्तार मिडिया संवाददाता गौतम लोहरा की पड़ताल में इस पूरे मामले की तस्वीर कुछ और ही सामने आई है।आइए दिखाते हैं इस घटना की पूरी सच्चाई। रफ़्तार मिडिया की जमीनी पड़ताल और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह विवाद सड़क दुर्घटना के बाद शुरू हुआ। जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही एक कार ने दशम फॉल थाना क्षेत्र के के पास आगे चल रही स्कॉर्पियो को पीछे से टक्कर मार दी। स्कॉर्पियो सवार युवक बातचीत के लिए वाहन रुकवाना चाहते थे, लेकिन कार चालक के आगे बढ़ने पर उन्होंने पीछा किया।कुछ दूरी पर कार रुकने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। इसी दौरान गुस्से में कार का शीशा तोड़ दिया गया। यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और बिना पूरी जानकारी के इसे गुंडागर्दी का मामला बताया जाने लगा।कंट्रोल रूम की आधिकारिक लॉग रिपोर्ट की भी पड़ताल की। रिकॉर्ड के अनुसार, दोपहर 12 बजकर 33 मिनट पर कंट्रोल रूम को कॉल मिली। 12 बजकर 39 मिनट पर दशम फॉल थाना प्रभारी कुंदन कुमार को सूचना दी गई। इसके बाद क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही पुलिस टीम को तुरंत सक्रिय किया गया और लगभग 10 मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।जांच में यह भी सामने आया कि घटना के समय हाईवे पेट्रोलिंग वाहन लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहा था। यानी पुलिस के देर से पहुंचने का दावा रिकॉर्ड से पुष्ट नहीं होता।घटना के बाद स्थानीय लोगों और दोनों पक्षों के वरिष्ठ लोगों की मौजूदगी में आपसी बातचीत हुई। स्कॉर्पियो सवार युवकों ने गुस्से में हुई तोड़फोड़ की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कार की मरम्मत के लिए 30 हजार रुपये हर्जाना दिया। दोनों पक्षों ने लिखित समझौता किया और पुलिस में शिकायत नहीं करने पर सहमति जताई। राहत की बात यह रही कि पूरे घटनाक्रम में किसी भी व्यक्ति को शारीरिक चोट नहीं आई।इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए गए, लेकिन रफ़्तार मिडिया की पड़ताल में सामने आया कि यह एक सड़क दुर्घटना के बाद उपजा विवाद था, जिसे बाद में आपसी सहमति से सुलझा लिया गया।