सरायकेला: गम्हरिया बोडो पीड़ ,मोड़े माझी बाबा एवं खेरवाल सांवता जाहेर गाड़ समिति, कालिकापुर–टायो गेट के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, भाषा और गौरवशाली विरासत की झलक देखने को मिली।कार्यक्रम में सरायकेला के झामुमो के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गणेश महाली, झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू, बीएचयू के प्रोफेसर राजू मांझी, उद्यमी के डायरेक्टर रवि राज मुर्मू एवं चांडिल महाविद्यालय के प्राचार्य सुनील मुर्मू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, अधिकार, भाषा, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेने का अवसर है। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक दौर में अपनी जड़ों और पारंपरिक संस्कृति को बचाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नई पीढ़ी को भी अपनी भाषा, लोककला, रीति-रिवाज और परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता है।कार्यक्रम में भोमरा मांझी, उदय मार्डी, गोरखा हेंब्रम, सावना सोरेन, शोखेन हेंब्रम, लक्ष्मण, शंभू टुडू, गौरीशंकर टुडू सहित समिति के सभी पदाधिकारी एवं क्षेत्र के मांझी बाबा गण मौजूद रहे।सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान आदिवासी लोकनृत्य, लोकगीत एवं पारंपरिक कला की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति से सजे कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं समाज के लोगों ने हिस्सा लेकर आदिवासी संस्कृति और परंपरा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।