राजन मंडल / रफ्तार मीडिया संवाददाता करमाटांड़
करमाटांड़ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में शनिवार, 18 जुलाई 2026 को मां बिपत्तारिणी पूजा श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाई गई। सुबह से ही मंदिरों और पूजा स्थलों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। विवाहित महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, वैवाहिक जीवन की खुशहाली, संतान की लंबी आयु तथा समस्त विपत्तियों से रक्षा की कामना करते हुए व्रत रखकर मां दुर्गा के बिपत्तारिणी स्वरूप की पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां बिपत्तारिणी अपने भक्तों को दुर्घटनाओं, रोग, आर्थिक संकट, पारिवारिक कष्ट और अन्य विपत्तियों से बचाती हैं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर मां दुर्गा के मंत्रों का जाप किया, आरती उतारी और प्रसाद का वितरण किया। पूजा के दौरान परंपरा के अनुसार 13 प्रकार के फल, 13 प्रकार के फूल तथा 13 गांठ वाला लाल धागा मां को अर्पित किया गया। पूजन के उपरांत विवाहित महिलाओं ने रक्षा, सौभाग्य और परिवार की मंगलकामना के प्रतीक स्वरूप अपनी कलाई में लाल धागा बांधा। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने मां बिपत्तारिणी से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और संकटों से रक्षा का आशीर्वाद मांगा।