शिकारीपाड़ा/दुमका/रफ्तार मीडिया।
शिकारीपाड़ा प्रखंड कार्यालय में बाह्य स्रोत (आउटसोर्सिंग) के तहत कार्यरत कंप्यूटर सहायकों और एमटीएस कर्मियों के समक्ष आर्थिक संकट गहरा गया है। पिछले 18 महीनों से मानदेय (वेतन) का भुगतान न होने के कारण इन कर्मचारियों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है। इस संबंध में पीड़ित कर्मचारियों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को आवेदन सौंपकर बकाया आवंटन उपलब्ध कराने और जल्द से जल्द मानदेय भुगतान की गुहार लगाई है।
आवेदन में कर्मचारियों ने बताया है कि M/S Raider Security Services Pvt. Ltd. Ranchi( एम/एस राइडर सिक्योरिटी सर्विसेस प्राईवेट लिमिटेड रांची ) के माध्यम से कुल 3 कंप्यूटर सहायक और 2 एमटीएस कर्मी शिकारीपाड़ा प्रखंड कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये कर्मचारी कार्यालय के सभी ऑनलाइन-ऑफलाइन कार्य, पत्राचार, वाहन चालन और साफ-सफाई जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों को पूरी निष्ठा के साथ निभाते आ रहे हैं। 'सरकार आपके द्वार', 'मंईयां सम्मान योजना' और 'अबुआ आवास योजना' जैसे शासकीय कार्यक्रमों में भी इन्होंने देर रात तक काम किया है।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अंतिम बार जनवरी 2025 में मानदेय मिला था। इसके बाद फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक, यानी पूरे 18 महीनों से आवंटन के अभाव में उन्हें एक पैसा भी नहीं दिया गया है। इतने लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण वे गहरे कर्ज में डूब चुके हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि दुकानदार अब उन्हें राशन और दैनिक जरूरतों का सामान उधारी में देने से मना कर रहे हैं। परिजनों का इलाज और दवाइयां भी कर्ज लेकर करानी पड़ रही हैं।
फीस न भरने के कारण बच्चों के स्कूलों से निकाले जाने की नौबत आ गई है, जिससे कर्मचारियों का आत्मसम्मान ठेस पहुंच रहा है। कर्मचारियों ने अपनी दयनीय माली हालत पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है।