रफ्तार मीडिया संवाददाता  पवन गुप्ता

खलारी : मैक्लुस्कीगंज में कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित निजी हॉस्टलों की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कोनका स्थित एक निजी हॉस्टल में रह रहे 12 वर्षीय छात्र ने वार्डन की कथित प्रताड़ना से तंग आकर रविवार रात हॉस्टल छोड़ दिया और अंधेरे में जंगल की ओर निकल पड़ा। गनीमत रही कि एक स्थानीय युवक की सतर्कता और मैक्लुस्कीगंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। मामला कोनका निवासी कमल शर्मा के हॉस्टल का बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि अनुसार आर्यन राज (12 वर्ष), पिता सुनील सिंह, मूल निवासी पुष्पांजली कॉलोनी, थाना राजेंद्र नगर, जिला रायपुर (छत्तीसगढ़), डॉन बॉस्को एकेडमी में कक्षा-4 (सेक्शन-बी) का छात्र है और इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता है। पुलिस ने बताया कि रविवार रात करीब 8 बजे आर्यन कथित रूप से हॉस्टल वार्डन की प्रताड़ना से परेशान होकर चुपचाप हॉस्टल से निकल गया। कोनका घाटी के जंगल की ओर जाते समय एक स्थानीय व्यक्ति की नजर उस पर पड़ी। बच्चे से पूछताछ करने पर मामला संदिग्ध लगा तो उसने तत्काल मैक्लुस्कीगंज पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित थाना लेकर आई। आवश्यक पूछताछ के बाद उसे उसके मामा मयंक सिंह, निवासी सोसई, थाना मांडर, जिला रांची, के सुपुर्द कर दिया गया।
*सवालों के घेरे में निजी हॉस्टल व्यवस्था।*
इस घटना ने मैक्लुस्कीगंज में संचालित निजी हॉस्टलों की निगरानी, छात्रों की सुरक्षा और वार्डनों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पुलिस के द्वारा बताये गए छात्र द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो संबंधित हॉस्टल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।