दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता करमाटांड़
सावन के प्रथम सोमवार के अवसर पर करमाटांड़ प्रखंड के पिंडारी गांव में आयोजित वार्षिक दुबे पूजा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में विधि-विधान के साथ जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंजता रहा और क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। आयोजन को सफल बनाने के लिए पूजा समिति ने पहले से व्यापक तैयारियां की थीं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैरिकेडिंग, कतारबद्ध दर्शन और जलाभिषेक की व्यवस्था की गई थी। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी विशेष सहयोग की व्यवस्था की गई, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद पूजा-अर्चना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद रही। मेला क्षेत्र तथा प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस और पूजा समिति के स्वयंसेवकों के बेहतर समन्वय के कारण पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ।वार्षिक दुबे पूजा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द का भी प्रतीक बन गई। पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया तथा भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। शाम होते ही मंदिर परिसर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा, जिसने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और आपसी भाईचारे का महत्वपूर्ण पर्व बताया।