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वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व के 22 गांवों में बिजली की आस, एमएलसी भीष्म साहनी ने वन विभाग से मांगी शीघ्र एनओसी

 
पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व क्षेत्र से सटे दोन इलाके के 22 गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इन गांवों में अब तक बिजली की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय लोगों, खासकर थारू जनजाति के परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर बिहार विधान परिषद में माननीय एमएलसी भीष्म साहनी ने जोरदार तरीके से आवाज उठाई और वन विभाग से अविलंब एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने की मांग की।
सदन में अपनी बात रखते हुए एमएलसी साहनी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व के आसपास बसे दोन क्षेत्र के गांवों—नौरंगिया दोन, बनकटवा दोन सहित कुल 22 गांवों—में ऑफ-ग्रिड एवं ऑन-ग्रिड बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित विभागों ने प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से अब तक एनओसी जारी नहीं होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि एनओसी के अभाव में बिजली परियोजना अधर में लटकी हुई है और हजारों ग्रामीण आज भी अंधेरे में जीवन बिताने को विवश हैं। बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सीमित है तथा लोग पंखा, मोबाइल चार्जिंग, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इससे क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास भी बाधित हो रहा है।
एमएलसी साहनी ने कहा कि थारू जनजाति के लोग वर्षों से विकास की मुख्यधारा से कटे हुए हैं। यदि बिजली की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो स्वरोजगार, लघु उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी। उन्होंने वन विभाग से जनहित को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र एनओसी जारी करने की मांग की, ताकि दोन क्षेत्र के सभी 22 गांवों में बिजली बहाल हो सके और ग्रामीणों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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