बिद्युत महतो / रफ्तार मीडिया संवाददाता, ईचागढ़:चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ईचागढ़ प्रखंड के आदरडीह स्थित सांसद भवन में आदिवासी कुड़मी समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। ग्राम प्रधान शिवराम महतो की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए। बैठक में आगामी जनगणना को लेकर समाज की पहचान, भाषा और धर्म से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आदिवासी कुड़मी समाज के मूल खूंटी एवं मुलमानता अजीत प्रसाद महतो ने समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली जनगणना केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं, बल्कि कुड़मी समाज के अस्तित्व, पहचान और अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट होकर अपनी वास्तविक पहचान दर्ज करानी होगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कमेटी ने निर्णय लिया है कि आगामी जनगणना में समाज के लोग जाति के कॉलम में “कुड़मी”, भाषा में “कुड़माली” और धर्म में “सारना” दर्ज कराएंगे। इसके लिए गांव-गांव में कमेटी का गठन किया जाएगा, जो लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ सही जानकारी दर्ज कराने के लिए प्रेरित करेगी। अजीत प्रसाद महतो ने कहा कि कुड़मी समाज को पूर्व में एक साजिश के तहत आदिवासी सूची से बाहर किया गया था और अब समाज अपनी पहचान को पुनर्स्थापित करने की लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा हमारी लड़ाई किसी अन्य जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है। यह हमारे इतिहास, संस्कृति और मौलिक अधिकारों को बचाने की लड़ाई है। बैठक में “कुर्मी” और “कुड़मी” शब्दों के अंतर, सामाजिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने समाज के लोगों से संगठित होकर जनगणना अभियान को सफल बनाने की अपील की। बैठक को चारी गुरु संतोष कटियार, केंद्रीय सह-संपादक जयराम महतो, केंद्रीय प्रवक्ता सादन महतो, भाषा एवं सांस्कृतिक संरक्षक दीपक पुनियार तथा प्रखंड अध्यक्ष भूतनाथ महतो ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने समाज की एकता और जागरूकता को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। मौके पर सेवानिवृत्त शिक्षक उमाकांत महतो, कमलाकांत महतो, ठाकुरदास महतो, ग्राम प्रधान मनोरंजन महतो, अनिल चंद्र महतो, उपेन चंद्र महतो, रंजीत प्रसाद महतो, गोपेश कुमार महतो समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।