सोनाहातु थाना क्षेत्र अंतर्गत तेतला पंचायत के कोटाब गांव में 12 फरवरी को लगने वाले मेले में जुआ–शराब पर रोक की मांग, पुलिस उपाधीक्षक से की गई कार्रवाई की अपील
बुंडू अनुमंडल के सोनाहातु थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटाब गांव में आगामी 12 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले पारंपरिक मेले को लेकर प्रशासनिक सतर्कता की मांग तेज हो गई है। मेले के दौरान जुआ, सट्टा एवं अवैध शराब बिक्री/सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित कराने को लेकर पुलिस प्रशासन से ठोस कार्रवाई की अपील की गई है।इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक, बुंडू (रांची) को एक लिखित आवेदन सौंपा गया है, जिसमें मेले के दौरान संभावित असामाजिक गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताई गई है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि कोटाब गांव में आयोजित यह मेला क्षेत्र का एक बड़ा सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें छऊ नृत्य एवं मुर्गा लड़ाई जैसे कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इस मेले में दूर-दराज से बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं एवं बच्चे शामिल होते हैं।
असामाजिक तत्वों की सक्रियता की आशंका आवेदन में पूर्व अनुभवों एवं स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आशंका जताई गई है कि मेले की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जुआ, ताश, सट्टा एवं अवैध शराब की बिक्री व सेवन जैसी गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं। इससे न केवल शांति व्यवस्था भंग होने का खतरा है, बल्कि आपराधिक घटनाओं और सामाजिक वातावरण के दूषित होने की भी आशंका बनी रहती है।
पुलिस प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें
जनहित एवं कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवेदन में पुलिस प्रशासन से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की गई है—
मेले के दौरान जुआ, सट्टा एवं शराब के अवैध क्रय–विक्रय एवं सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर सतत गश्ती सुनिश्चित की जाए।
असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखते हुए आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाए।सोनाहातु थाना को विशेष सतर्कता बरतने एवं स्पष्ट निर्देश देने की मांग की गई है।
शांतिपूर्ण और सुरक्षित मेले की अपील आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि प्रशासन समय रहते सख्त और सकारात्मक कदम उठाता है, तो यह मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं मर्यादित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हो सकेगा, जिससे आमजन विशेषकर महिलाएं और बच्चे बिना भय के मेले का आनंद ले सकेंगे।
प्रतिलिपि उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई
इस आवेदन की प्रतिलिपि वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, उपायुक्त रांची तथा थाना प्रभारी सोनाहातु को भी भेजी गई है, ताकि समन्वित रूप से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस मांग पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और क्या कोटाब गांव का यह परंपरागत मेला पूरी तरह असामाजिक गतिविधियों से मुक्त रह पाता है या नहीं।
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