गम्हरिया प्रखंड के नए अनाज गोदाम में सुरक्षा ताक पर, कैमरे के सामने झूठ बोलते दिखे प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी
सरायकेला: क्या गम्हरिया प्रखंड में एक बार फिर गरीबों के हक के अनाज को आग के हवाले करने की तैयारी चल रही है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि प्रखंड अंतर्गत बने नए अनाज गोदाम में भारी अव्यवस्था और लापरवाही सामने आई है। जहां एक ओर अनाज के बोरे गोदाम में रखे जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर बिना किसी सुरक्षा मानक के उसी गोदाम में वेल्डिंग का काम कराया जा रहा था।गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले पुराने अनाज गोदाम में भीषण आग लगने से हजारों गरीबों को मिलने वाला अनाज जलकर खाक हो गया था। उस मामले में विभागीय जांच के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई, लेकिन आज तक न तो कोई ठोस निर्णय आया और न ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई हुई।इसी बीच जब पत्रकारों का कैमरा नए गोदाम में पहुंचा और वेल्डिंग कर रहे मजदूरों से पूछा गया कि अनाज रखे जाने के दौरान वेल्डिंग किसके आदेश पर हो रही है, तो उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति की ओर इशारा किया जो पहले प्रखंड कार्यालय में निजी चालक के रूप में कार्यरत रहा है। मजदूरों ने बताया कि शटर में लॉक नहीं लगने के कारण वेल्डिंग की जा रही है।जब उक्त व्यक्ति से इस संबंध में सवाल किया गया तो वह पत्रकारों से उलझ पड़ा और कैमरा छीनने की कोशिश करते हुए बदतमीजी करने लगा। मामले की सूचना प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सुनील चौधरी को दी गई, जिन्होंने कैमरे के सामने सफाई देते हुए कहा कि “चूहों से बचाव के लिए वेल्डिंग कराई जा रही है।हालांकि यह बयान मौके की स्थिति से मेल नहीं खाता, जिससे मामला और ज्यादा संदिग्ध हो गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कालाबाजारी के मामलों में नाम आने के बावजूद स्वर्गीय अभिषेक हाजरा के कार्यकाल के दौरान सुनील चौधरी सबसे लंबे समय तक प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर बने रहे और वर्तमान नए अनाज गोदाम का प्रभार भी उन्हीं के पास है। ऐसे में पूरे मामले में “दाल में कुछ काला” नजर आ रहा है।जब इस गंभीर लापरवाही की जानकारी उपायुक्त को दी गई तो उन्होंने मामले को हल्के में लेते हुए सिर्फ इतना कहा कि “मैं देखूंगा।” प्रशासनिक उदासीनता से जनता में आक्रोश है और लोग मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि गरीबों के हक के अनाज के साथ दोबारा खिलवाड़ न हो।
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